Spiritual Poetry

परमब्रह्म की राह

कभी हँसाते कभी रुलाते
तरह तरह के रूप दिखाते
कभी कालिया नाग हराते
कभी सत्य का पथ दिखलाते
महाभारत भी वो करवाते
गीता उपदेश वो दे जाते
कभी बाबा जी बन के आते
या फिर योगानान्दा को पहुंचाते
सच्चे भक्त को दिख जाते
ॐ प्रेम ब्रह्म का मंत्र सुनबाते
परमब्रह्म की राह दिखाते

ॐ प्रेम - आशीष

कमल

कमल की पंखुड़ी की तरह खिल जा
देख सूरज की रौशनी को
फरक न पड़ता इस में
कि वह पैदा हुआ कीचड़ में
स्वच्छ पानी से धुल
एक दिन चढ़ जायेगा
भगवन के चरण में

तुझे बहुत है चलना

अभी काम बहुत है तुझे नहीं है थकना,

उठा कदम और आगे बढ तुझे बहुत है चलना |

आंधी आये या तूफान, तुझे नहीं है झुकना,

उठा कदम और आगे बढ तुझे बहुत है चलना |

रुकने का कोई नाम नहीं जीवर शिखर है चढ़ना,

उठा कदम और आगे बढ तुझे बहुत है चलना |

ज्ञान की ज्योति जला तुझे नहीं बुझना,

उठा कदम और आगे बढ तुझे बहुत है चलना |

सोने का अब वक़्त नहीं जाग्रत विश्व है करना,

उठा कदम और आगे बढ तुझे बहुत है चलना |

मरने का कोई प्रश्न नहीं यह जीवन सफल है करना,

उठा कदम और आगे बढ तुझे बहुत है चलना |

मोक्ष मार्ग है बहूत कठिन सुख की चाह ना करना,

भगवान तुम्हारे हाथो में

सौप दिया इस जीवन को भगवान तुम्हारे हाथो में
न हार जीत का डर मुझे इसका फल तेरे हाथो में
बस मन में विश्वास यही एक बार तुम्हें पाउँगा मैं
जीवन की इस इस पीड़ा से उद्धार पाउँगा मैं
चरणों में तेरे दास बन बैठा रहु मैं
पुजारी तेरे मंदिर का तुमको ही निहारू मैं
मुझमें तुझमें बस भेद यही नारायण तुम नर मैं
मैं संसारी यह संसार तुम्हारे हाथो में

तुमने ही जिन्दगी सवार दी

कोई कहे अल्ला कोई कहे कृष्ण
कोई कहे जीसस कोई कहे राम
ढूँढो इसको खुद में
और पा जाओ चार धाम
मोह माया जिन्दगी भर न जाएगी
पर खो कर तुम में जिन्दगी सवर जाएगी
मैंने जिन्दगी तेरे नाम की
आंखे तेरी राह पर निहार की
पाना चाहता हूँ तुझे मैं
तुमने ही जिन्दगी सवार दी
आशीष

हे प्रभु अपने दर्शन करवा दो

खुशिओ के झरने का कुण्ड बता दो
जीवन हो सार्थक वह पथ बतला दो
आत्मा से परमात्मा का मिलन करवा दो
तलाश में जिन संतो की भक्ति में लीन
कृषण राधा की जेसी हो बीन
दार्शनिको के विचार दिला दो
आत्मा से परमात्मा का मिलन करवा दो
ऐसे मुल्यवान वस्तु से मिलबा दो
हे प्रभु अपने दर्शन करवा दो

नयी ज़िन्दगी और नया संसार मिला

नयी ज़िन्दगी और नया संसार मिला,
जब से प्रभु तेरा साथ मिला
अब आ गया है जीना मुझे
कल तक था बिन पेंदे का लोटा
अब सही आधार मिला
दर्द से चूर गम में डूबा हुआ
बीच मंझधार में जैसे डूबता हुआ
अबकी बार मै पार लगा
जब से गुरु तेरा हाथ मिला
न मंजिल का पता था
न कोई ठिकाना
देखो मुझे अब के ठोर मिला
टूटा हुआ था मै सितारा
उसमे एक तार न था
न सुर था न ताल था
अब के मै निहाल हुआ
जब से प्रभु तेरा साथ मिला
ठोकरे खाई गिरा और संभला
अब के बार मै पार हुआ
जब से तेरी भरपूर शक्ति का साथ मिला
आशीष

divine heart की मदद से पा जा तू भगवान

जन्म मृत्यु के चक्रव्यूह में फंसा है इन्सान
माया मद मोह में डूब के भूल गया भगवान
अहम् में खो के बस दिखाता है शान
पर १ दिन बंधू जाएगी हम सब की जान
वक़्त न गवा अब तो सुधर जा इन्सान
divine heart की मदद से पा जा तू भगवान

बाधाओं (blocks) को हटा

आओ कुछ ऐसा कर जाये
परा शक्ति को नतमस्तक हो जाये
बाधाओं (blocks) को हटा हम
जीवन सफल बनाये

डोर उसके ही हाथो मे है

वक़्त की नौका अपने ही हाथो मे है
पतवार से रुख बदलना अपने ही हाथो मे है
व्यस्त जीवन मे कुछ वक़्त परमात्मा को पाने मे लगाये
कयोकि यह डोर उसके ही हाथो मे है
आशीष

Author Information

ashish
ashish's picture
User offline. Last seen 11 weeks 2 days ago. Offline
Joined: 13 November, 2010 11:03 pm
Groups: None

User login

Connect
Sign in using Facebook